इंदिरा नूई कैसे पहुंची कामयाबी की बुलंदी पर?

इंदिरा नूई एक ऐसा नाम है जिसको सुनने के बाद लोग महिलाओं के बारे में अपनी विचारधारा बदलने को मजबूर हो जाते हैं। हमारे देश में शुरू से मान्यता रही है कि औरतें घर संभालने के लिए होती हैं जबकि मर्द पैसा कमाने के लिए। ऐसे में इंदिरा नूई ने पेप्सिको जैसी कंपनी के सीईओ पद पर 12 साल नौकरी करके यह साबित कर दिया कि औरत चाहे तो घर संभाल सकती है और अगर चाहे तो किसी कंपनी को संभाल सकती है।

28 अक्टूबर 1955 में तमिलनाडु के चेन्नई में पैदा हुई इंदिरा मिडिल क्लास फैमिली में पली-बढ़ीं। इंदिरा के पिता एक बैंक कर्मी थे तथा उनकी माता हाउसवाइफ थीं। इंदिरा दो बहने थीं, इंदिरा और उनकी बहन चंद्रिका। इन दोनों का ही पालन-पोषण में इनकी मां का विशेष योगदान रहा है।

इंदिरा अपने इंटरव्यू में अक्सर बताते रहती हैं कि बचपन में ही उनकी मां उनसे पूछा करती थी कि वह आगे चलकर क्या करना चाहती हैं? मां के यह सवाल उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया करते थे उन्हें आगे चलकर कुछ ना कुछ तो करना ही है।

बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही इंदिरा को म्यूजिक बहुत पसंद था और वह एक म्यूजिक बैंड में गिटार बजाया करती थीं। इतना ही नहीं इंदिरा को क्रिकेट भी बहुत पसंद था वह अपने कॉलेज के गर्ल्स क्रिकेट टीम की सदस्य भी रह चुकी थी। बावजूद इसके इंदिरा ने अपने कैरियर को एक सही दिशा देने पर ज्यादा जोर दिया। इंदिरा कि बेसिक पढ़ाई ‘होली एंजेल्स एंग्लो इंडियन हायर सेकण्ड्री स्कूल’ में हुई इसके बाद इन्होने मद्रास क्रिस्चियन कॉलेज और उसके बाद सीधे IIM कलकत्ता मैं अपनी पढ़ाई जारी रखी।

इतना ही नहीं इंदिरा को जब यह महसूस हुआ कि वह बिजनेस की पढ़ाई और अच्छे से करना चाहती हैं तो उन्होंने सीधे अमेरिका का रुख किया और अमेरिका के ‘येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट’ से पब्लिक एंड प्राइवेट मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की। बता दें कि इंदिरा जब अमेरिका में पढ़ रही थी तो अपने खर्चे उठाने के लिए उन्होंने रिशेप्सनिष्ट तक की जॉब की। इसके बाद उन्होंने टूटल टेक्सटाइल, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, मोटोरोला, एबीबी(ABB) जैसी कंपनियों के साथ काम किया।

लेकिन 1994 में जब उन्हें पेप्सीको के सीईओ द्वारा कंपनी ज्वाइन करने का न्योता दिया गया तो वह तुरंत कंपनी को ज्वाइन कर लीं। यहां अपने कार्य और लगन से इंदिरा ने 1 साल के अंदर ही सीनियर वाइस प्रेसिडेंट का पद हासिल कर लिया। बताया जाता है कि साल 2006 में वह पेप्सीको के सीईओ बनीं और लगातार 12 सालों तक इस पद को संभालती रहीं।

इंदिरा अपने प्रोफेशनल कैरियर में जितनी सफल रहीं उतनी ही अपने पर्सनल रिलेशनशिप को भी उन्होंने मेंटेन किया। इंदिरा ने बिजनेस मैन राज के नूई से शादी की है और उनकी दो बेटियां हैं। उन्होंने सफलतापूर्वक अपनी गृहस्थी को भी संभाले हुए हैं। बता दें कि साल 2007 में इंदिरा नूई को भारत के प्रतिष्ठित ‘पद्म भूषण’ सम्मान से नवाजा गया है।