नेचुरोपैथी..

नेचुरोपैथी..
*एक कदम प्रकृति र्की ओर...*
*स्टीम बाथ क्या है?*
स्टीम बाथ (भाप स्नान) एक प्राकृतिक उपचार पद्धति है जिसमें गर्म पानी से बनी भाप (Steam) को शरीर पर दिया जाता है। इससे शरीर में पसीना आता है और पसीने के साथ शरीर के विषैले तत्व (toxins) बाहर निकलते हैं।
प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) और योग चिकित्सा में इसे शरीर की शुद्धि, दर्द कम करने और रक्त संचार बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है।
*स्टीम बाथ कैसे काम करता है*
गर्म भाप से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं
शरीर में पसीना अधिक निकलता है
रक्त संचार तेज हो जाता है
शरीर की मांसपेशियों का तनाव कम होता है
*स्टीम बाथ देने से पहले (Preparation)*
पेट हल्का होना चाहिए (खाने के 2–3 घंटे बाद करें)।
पहले 1–2 गिलास साधारण पानी पी लें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
अगर फुल बॉडी स्टीम है तो सिर पर ठंडा गीला तौलिया रखें।
BP या कमजोरी वाले व्यक्ति, हृदय रोगी को थेरपिस्ट की निगरानी में ही स्टीम बाथ लेनी चाहिए। स्टीम बाथ (भाप स्नान) प्राकृतिक चिकित्सा और योग में शरीर को डिटॉक्स करने, त्वचा साफ करने और दर्द कम करने के लिए किया जाता है। सामान्यतः स्टीम बाथ 4– प्रकार के माने जाते हैं:
1. फुल बॉडी स्टीम बाथ
इसमें पूरा शरीर भाप में रहता है, केवल सिर बाहर रहता है।
शरीर के रोमछिद्र खुलते हैं और पसीने के साथ विषैले तत्व बाहर निकलते हैं।
*स्टीम बाथ के मुख्य फायदे*
शरीर का दर्द कम, जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
त्वचा साफ हो जाती है, निखार आता है ।नमी रहती है।
मोटापा कम करने में सहायक है ।
त्वचा को साफ और चमकदार बनाता है
थकान और तनाव कम करता है।
शरीर का डिटॉक्स (विषैले तत्व बाहर निकालना) करता है।
स्टीम बाथ कितनी देर लेना चाहिए
सामान्य व्यक्ति: 10–15 मिनट
कमजोर या बुजुर्ग: 5–10 मिनट
*सावधानी*
बहुत अधिक हाई BP, हृदय रोग, बुखार या गर्भावस्था में बिना सलाह के स्टीम बाथ नहीं लेना चाहिए।
2. लोकल स्टीम बाथ (Local Steam)
शरीर के किसी एक हिस्से पर भाप दी जाती है।
जैसे: घुटना, कमर, कंधा, हाथ या पैर।
फायदे:
जोड़ों का दर्द कम होता है।
सूजन कम होती है।
मांसपेशियों का जकड़न में आराम आता है ।
3. फेस स्टीम (Face Steam)
चेहरे पर भाप दी जाती है।

फायदे:
त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं।
पिंपल और ब्लैकहेड, व्हाइट हेड कम होते हैं।
त्वचा चमकदार ,और फेस का सौंदर्य बढ़ता है।
4. स्टीम इनहेलशन (Steam Inhalation)
नाक और श्वसन तंत्र के लिए भाप ली जाती है।
फायदे:
सर्दी-जुकाम दूर होते है ।
साइनस की तकलीफ में बहुत लाभ दायक है।
गले की खराश में राहत मिलती है।
*प्राकृतिक चिकित्सा में अक्सर जड़ी-बूटियों (नीम, तुलसी, अजवाइन) की भाप भी दी जाती है, जिससे उपचार और प्रभावी हो जाता है।*
*प्राकृतिक चिकित्सा अपनाएं ,जीवन को स्वस्थ बनाएं।*
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