अतिक्रमण की मार, नरेला बेहाल—जाम से जूझती जनता

अतिक्रमण की मार, नरेला बेहाल—जाम से जूझती जनता

दिल्ली के नरेला क्षेत्र में अतिक्रमण के चलते ट्रैफिक जाम की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। पिछले लगभग दस वर्षों से वाई-प्वाइंट से लेकर रामदेव चौक तक करीब डेढ़ से दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस सड़क मार्ग का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह एक ओर अलीपुर और बवाना जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ता है, वहीं दूसरी ओर जीटी करनाल रोड स्थित सिंघु बॉर्डर तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है। इसके बावजूद अव्यवस्थित अतिक्रमण ने इस मार्ग की स्थिति को बदहाल कर दिया है।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मार्ग पर लगभग एक हजार दुकानदारों ने फुटपाथ पर अवैध कब्जा कर रखा है, जबकि 500 से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों ने सड़क पर ही अतिक्रमण किया हुआ है। इसके कारण पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ उपलब्ध नहीं है और उन्हें मजबूरन सड़क के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।वहीं, दिनभर अनियंत्रित तरीके से चलने वाले ई-रिक्शा भी यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

संकरी हो चुकी सड़क और बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते जाम की समस्या और विकराल रूप ले चुकी है। इस समस्या से आसपास के लगभग दर्जनभर रिहायशी इलाकों के तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाया जाए और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।

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