बेटा – बेटी ही नहीं बहू – दामाद की जिम्मेदारी भी होंगे सीनियर सिटीजन

हमारे देश हो रहे बुजुर्गों के साथ अव्यवहार को नियंत्रित करने के लिए तथा सिक्योरिटी और सम्मान का ख्याल रखते हुए सरकार बहुत जल्दी ही ‘मेंटेनेंस एंड वेलफेयर आफ पैरंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट 2007 ‘ में बड़ा बदलाव करने जा रही है। बिल में संशोधन के लिए कैबिनेट की तरफ से मंजूरी भी मिल चुकी है नए नियमों के तहत बेटा और बेटी के साथ ही अब बहू और दामाद भी अपने बुजुर्गों की टेक केयर की जिम्मेदार होंगे।

ऐसा नहीं करने और शिकायत करने पर जहां 3 महीने की कैद हुआ करती थी वहीं इसकी अवधी को बढ़ाकर 6 महीने कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं बुजुर्गों की देखभाल के लिए तय की गई सुरक्षा राशि जहां पहले ₹10000 अनिवार्य थी, उसमें भी परिवर्तन करते हुए बुजुर्गों के रहन सहन और रिश्तेदारों के रहन-सहन के आधार पर तय कर दिया गया है।

वहीं केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि इस बिल को लाने का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति लोगों के मन में सम्मान सुनिश्चित करना है। इतना ही नहीं बुजुर्गों की देखभाल करने वाले लोगों की लिस्ट में गोद लिए गए बच्चों के साथ ही सौतेले बच्चों को भी शामिल किया गया है।