अब नागरिक संशोधन बिल को पास कराने की तैयारी

मोदी सरकार द्वारा अभी हाल ही में एसपीजी बिल पास कराए जाने के बाद ‘नागरिक संशोधन विधेयक’ को पास कराने की तैयारी की जा रही है। इस विधेयक को अगले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सदन में पेश किये जाने की उम्मीद है। वहीं कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियां इस विधेयक को लेकर काफी विरोध जता रही हैं। उनका कहना है कि इस विधेयक में संसोधन कर किसी विशेष धर्म के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

जबकि यह संविधान के नियमों के खिलाफ जिसमें यह कहा गया है कि आस्था और धर्म के आधार पर नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। वहीं उम्मीद की जा रही है कि लोकसभा में बीजेपी के पूर्ण बहुमत में होने के कारण विधेयक आसानी से पास हो जाएगा तो वहीं राज्यसभा में भी बीजेपी को जेडीयू और अकाली दल का समर्थन मिल सकता है। आपको बता दें कि इस बिल में यह प्रावधान है कि भारत के पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान से जो 6 धर्मों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) के लोग भारत में शरण लेते हैं उनको भारत की नागरिकता देना है।

सामान्य तरीके से भारत की नागरिकता लेने के लिए आपको इस देश में लगातार 11 साल तक रहने की आवश्यकता होती है जबकि इस बिल के द्वारा यह समय सीमा घटाकर 1 से 6 साल कर दी जाएगी।