पवार का पावर पंच “हमें कुछ नहीं मिला”

अपने धुर विरोधी पार्टी शिवसेना के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने लेने वाले शरद पवार ने साबित कर दिया कि वो राजनीति के धुरंधर हैं। वहीं शरद पवार एक बार फिर चर्चा में हैं अपने इस बयान को लेकर कि उन्हें इस सरकार से कुछ नहीं मिला है। शरद पवार का कहना है कि शिवसेना के पास मुख्यमंत्री है और कांग्रेस को स्पीकर मिल गया है लेकिन मेरी सरकार को डिप्टी सीएम का पद मिला है जिसके पास कोई अधिकार नहीं होता है।

जैसे ही शरद पवार का यह बयान आया वैसे ही राजनीतिक विश्लेषक इस बात की चर्चा करने लग गए हैं कि अपने इस बयान से शरद पवार किस को साधने की कोशिश कर रहे हैं? वहीं कयास लगाए जा रहे हैं कि पवार शिवसेना पर दबाव बनाने की राजनीति शुरू कर रहे हैं। पवार ने दोनों ही पार्टियों को यह भी एहसास कराया है कि महाराष्ट्र सरकार के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का ऑफर ठुकरा दिया। हालाँकि शरद पवार के इस बयान के बाद अगले ही दिन महाराष्ट्र में इसके सकारात्मक नतीजे दिखने शुरू हो गए।

उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल में एनसीपी को 16 विभाग और शिवसेना को 15 तथा कांग्रेस को 12 मंत्रालय मिले हैं। जबकि एनसीपी के पास 54 , शिवसेना के पास 56 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं।