हैदराबाद एनकाउंटर: कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 9 दिसंबर तक सुरक्षित रहेंगे आरोपियों के शव

प्रियंका रेड्डी गैंग रेप केस मामले में चारों आरोपियों का एनकाउंटर किए जाने के बाद पुलिस की भूमिका संदिग्ध हो गई है। जहां एक तरफ लोग पुलिस के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं वहीं कई सारे लोगों द्वारा पुलिस के इस कदम की आलोचना भी की जा रही है। जहां कई लोग इसे न्याय बता रहे हैं वही विरोध में लोग इसे न्यायेतर हत्या भी करार दे रहे हैं।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि एनकाउंटर में मारे गए चारों आरोपियों के शरीर को उनके घर वालों को ना सौंपकर 9 दिसंबर तक सुरक्षित पुलिस कस्टडी में रखा जाए। ज्ञात हो कि 14 दिन की पुलिस रिमांड में रखे गए यह चारों आरोपियों को पुलिस सीन रिक्रिएशन के लिए उसी स्थान पर ले गई थी जहां इन्होंने लेडी डॉक्टर को रेप के बाद जला दिया था।

पुलिस का कहना है कि मौका पाकर यह अपराधी पुलिस की राइफल छीनकर भागने की कोशिश करने लगे और मजबूर होकर पुलिस को उन पर गोली चलानी पड़ी जिसमें इन चारों की मौत हो गई।