अयोध्या मामले में न्याय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर

उत्तर प्रदेश के जमीयत उलेमा – ए- हिंद ने विवादित अयोध्या की राम जन्म भूमि के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि हाई कोर्ट का अपना ही फैसला भ्रामक है। कोर्ट ने जहां एक तरफ यह कहा है कि 1952 का मस्जिद विवाद अवैध है और मंदिर को तोड़े बगैर ही मस्जिद बनाई गई थी फिर किस आधार पर वहां मंदिर के निर्माण का आदेश दिया गया।

पर्सनल ला बोर्ड के मौलाना वली रहमानी ने यह बात मीडिया में बताएं कि वह कानून का सम्मान करते हैं इसीलिए वह न्याय की उम्मीद से पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। वहीं  वक्फ बोर्ड ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जाने से पहले ही इनकार कर दिया था और फैसले को लेकर हुई मीटिंग में वक्फ बोर्ड के 8 सदस्यों में से 6 सदस्यों ने हाईकोर्ट के फैसले के साथ जाने का विचार रखा था।

बता दें कि बहुत दिनों से विवाद में चल रहे राम जन्मभूमि पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट के 3 जजों के पैनल ने निर्णय रामलला के पक्ष में की थी और मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन अलग से देने का फैसला दिया था।