आस्था कुंज की घटना के बाद महिला सुरक्षा पर बवाल, शाम के बाद पार्कों में एंट्री को लेकर भी उठे सवाल
नागरिक मुद्दे
Ganesh Yadav

दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर छात्राओं और महिलाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।

दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर छात्राओं और महिलाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारी सुरक्षित सार्वजनिक जगहों और महिलाओं की आजादी को लेकर आवाज उठा रही हैं।
इन प्रदर्शनों की बड़ी वजह दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना है। घटना के बाद दिल्ली के पार्कों और सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही पर रोक लगाने के बजाय सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।

इसी बीच पार्कों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से भी कदम उठाए गए हैं। कई पार्कों में सूर्यास्त के बाद एंट्री को नियंत्रित करने, CCTV, लाइटिंग और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की बात सामने आई है। लेकिन शाम के बाद लड़कियों की एंट्री पर रोक या नियंत्रण को लेकर प्रदर्शनकारियों का सवाल है कि सुरक्षा के नाम पर महिलाओं की आजादी सीमित क्यों की जाए?
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रदर्शनों में छात्राएं ‘हम औरतें आजाद हैं’, ‘रातों पर भी हक है हमारा’ और ‘क्यूटी नहीं, क्रांति हूं’ जैसे नारे लगाती नजर आईं। बारिश के बीच भी छात्राओं ने प्रदर्शन किया और महिला सुरक्षा के साथ-साथ बिना डर के दिन या रात में सार्वजनिक जगहों पर आने-जाने के अधिकार की बात उठाई।
सोशल मीडिया पर इन प्रदर्शनों के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। नारों का अंदाज भले ही अलग और कभी-कभी मजाकिया नजर आ रहा हो, लेकिन इनके पीछे सवाल महिलाओं की सुरक्षा, आजादी और सार्वजनिक जगहों पर उनके अधिकार का है।
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